🇮🇳 GO 97: क्यों हैदराबाद के पॉलिटेक्निक छात्र अपना भविष्य वापस ले रहे हैं
हैदराबाद: तेलंगाना की सड़कें इन दिनों पॉलिटेक्निक छात्रों के सामूहिक आक्रोश से गूंज रही हैं। सचिवालय में बैठे लोग शायद सोचते हैं कि एक नया सरकारी आदेश (Government Order) जारी करना बौद्धिक उपलब्धि का शिखर है, लेकिन छात्र यह साबित कर रहे हैं कि उनकी एकजुट आवाज़ किसी भी नौकरशाही के फरमान से अधिक ताकतवर है।
GO 97 सिर्फ एक सरकारी आदेश नहीं है – यह 1 लाख से अधिक पॉलिटेक्निक छात्रों के भविष्य को प्रभावित करने वाला एक फैसला है। छात्र सिर्फ एक आदेश के खिलाफ नहीं, बल्कि अपने सपनों, अपनी मेहनत और अपने भविष्य के लिए लड़ रहे हैं।
📜 GO 97 क्या है?
GO 97 (Government Order Ms No. 97) तेलंगाना सरकार द्वारा जून 2026 में जारी किया गया एक आदेश है। इसका उद्देश्य पॉलिटेक्निक शिक्षा को Young India Skills University (YISU) के अंतर्गत लाना है। YISU को उद्योग-आधारित पाठ्यक्रम, आधुनिक प्रयोगशालाओं और इंटर्नशिप के माध्यम से पारंपरिक शिक्षा और उद्योग की आवश्यकताओं के बीच की खाई को पाटने के लिए स्थापित किया गया था।
सरकार का कहना है कि यह कदम पॉलिटेक्निक शिक्षा को मजबूत करने, पाठ्यक्रम को आधुनिक बनाने और छात्रों की रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए है। लेकिन छात्र और शिक्षक इस आदेश को "पॉलिटेक्निक का अंत" मान रहे हैं।
📢 विरोध क्यों?
🎯 तीन साल का डिप्लोमा खतरे में?
छात्रों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि GO 97 तीन साल के डिप्लोमा प्रोग्राम के अस्तित्व पर संकट ला रहा है। उन्हें डर है कि इसे छह महीने या एक साल के सर्टिफिकेट कोर्स से बदल दिया जाएगा।
— प्रिथ्वी, ABVP ग्रेटर हैदराबाद सिटी सेक्रेटरी
🚪 लेटरल एंट्री (ECET) पर खतरा?
डिप्लोमा धारक ECET (Engineering Common Entrance Test) के माध्यम से सीधे इंजीनियरिंग की दूसरे वर्ष में प्रवेश ले सकते हैं। छात्रों को डर है कि YISU के तहत यह रास्ता बंद हो जाएगा। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि "मौजूदा व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं होगा", लेकिन छात्रों को लिखित आश्वासन चाहिए।
🏛️ SBTET की स्वायत्तता पर प्रश्न
अभी पॉलिटेक्निक शिक्षा State Board of Technical Education and Training (SBTET) और शिक्षा विभाग के अधीन है। GO 97 इसे SHAKTI विभाग (पूर्व में श्रम विभाग) के अधीन लाने की बात करता है। छात्रों का कहना है कि ITI और ATC कुशल/अर्ध-कुशल श्रमिकों को प्रशिक्षित करते हैं, जबकि पॉलिटेक्निक पर्यवेक्षी कैडर के लिए डिप्लोमा धारक तैयार करते हैं। दोनों को एक साथ लाना शैक्षणिक रूप से गलत है।
💰 निजीकरण की आशंका
YISU पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर काम करेगी। छात्रों को डर है कि इसका मतलब है कि विश्वविद्यालय व्यापारियों और कंपनियों के नियंत्रण में आ जाएगा, जिन्हें केवल मुनाफे की चिंता है। BRS नेता तलसानी श्रीनिवास यादव ने आरोप लगाया कि सरकार पॉलिटेक्निक कॉलेजों की जमीन पर नजर रखते हुए यह आदेश जारी किया है।
⏳ विरोध की टाइमलाइन
🗣️ कौन किसके साथ?
🔶 BRS (भारत राष्ट्र समिति) – विपक्ष
- पूर्व मंत्री तलसानी श्रीनिवास यादव – छात्रों को Gen Z के NEET विरोध से प्रेरणा लेने को कहा
- BRS MLC दासोजु श्रवण – GO 97 की कॉपी फाड़ी
- 7 सितंबर की डेडलाइन, असफलता पर CM आवास घेरने की धमकी
🟩 कांग्रेस – सत्तारूढ़
- 6 सदस्यीय समिति बनाई, 30 दिन में रिपोर्ट मांगी
- श्रम एवं SHAKTI मंत्री जी. विवेक वेंकटस्वामी – शिक्षकों की नौकरी, फीस और POLYCET जारी रहने का आश्वासन
- छात्रों से बातचीत जारी रखने का आग्रह
🟠 भाजपा
- केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी – GO 97 को तुरंत वापस लेने की मांग
- आरोप – GO 97 ECET को खत्म कर देगा
🟣 CJP (Cockroach Janta Party) – स्वतंत्र
- संस्थापक अभिजीत दीपके – वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से समर्थन
- 4 मांगें रखीं: स्पष्टता, AICTE मान्यता, SBTET स्वायत्तता, निजीकरण रोक
✅ क्या तय है, क्या अस्पष्ट?
✅ पुष्ट तथ्य
- GO 97 जून 2026 में जारी हुआ
- पॉलिटेक्निक को YISU के अंतर्गत लाया जा रहा है
- सरकार ने 6 सदस्यीय समिति बनाई
- 1 लाख से अधिक छात्र 20 दिनों से विरोध कर रहे हैं
- धरना चौक पर बड़ा प्रदर्शन हुआ (3 सितंबर)
❓ अस्पष्ट/जांच में
- तीन साल का डिप्लोमा जारी रहेगा या नहीं?
- ECET/लेटरल एंट्री जारी रहेगी या नहीं?
- SBTET की भूमिका क्या होगी?
- क्या पॉलिटेक्निक कॉलेजों की जमीन निजी हाथों में जाएगी?
- क्या YISU को AICTE मान्यता मिलेगी?
🧐 कानूनी और शैक्षणिक निहितार्थ
1. AICTE मान्यता का संकट
YISU अधिनियम स्पष्ट रूप से कहता है कि विश्वविद्यालय डिग्री (सर्टिफिकेट) जारी करेगा और उसे AICTE की मान्यता नहीं है। इसका मतलब है कि YISU से डिप्लोमा करने वाले छात्र ECET के लिए पात्र नहीं हो सकते।
2. शैक्षणिक संरचना का विघटन
ITI और ATC कुशल श्रमिक तैयार करते हैं, जबकि पॉलिटेक्निक पर्यवेक्षी कैडर के लिए डिप्लोमा धारक तैयार करते हैं। दोनों को एक साथ लाना शैक्षणिक रूप से गलत है।
3. निजीकरण का खतरा
PPP मॉडल का मतलब है कि निजी कंपनियां पॉलिटेक्निक शिक्षा को नियंत्रित करेंगी। इससे फीस में मनमानी बढ़ोतरी और गुणवत्ता में गिरावट आ सकती है।
📋 घटना का त्वरित सारांश
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| 📜 आदेश | GO 97 (जून 2026) |
| 🎯 मुख्य विषय | पॉलिटेक्निक को YISU के अंतर्गत लाना |
| 👥 विरोध करने वाले | 1 लाख+ पॉलिटेक्निक छात्र |
| 🗓️ विरोध अवधि | 20 दिन (अगस्त-सितंबर 2026) |
| 🏛️ सरकारी कदम | 6 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति |
| ⏳ अगली डेडलाइन | 7 सितंबर 2026 (BRS की अल्टीमेटम) |
🙋 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
❓ GO 97 क्या है?
GO 97 तेलंगाना सरकार द्वारा जून 2026 में जारी एक आदेश है, जो पॉलिटेक्निक कॉलेजों को Young India Skills University (YISU) के अंतर्गत लाने का प्रस्ताव रखता है।
❓ क्या GO 97 से तीन साल का डिप्लोमा खत्म हो जाएगा?
अभी स्पष्ट नहीं है। सरकार ने आश्वासन दिया है कि कोई बदलाव नहीं होगा, लेकिन छात्रों को लिखित आश्वासन चाहिए। YISU को AICTE मान्यता नहीं है, जिससे ECET प्रवेश प्रभावित हो सकता है।
❓ क्या ECET (लेटरल एंट्री) प्रभावित होगी?
सरकार ने कहा है कि मौजूदा व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं होगा, लेकिन YISU के AICTE मान्यता न होने के कारण छात्रों को ECET के लिए पात्रता को लेकर चिंता है।
❓ छात्र किन मुद्दों पर विरोध कर रहे हैं?
तीन साल के डिप्लोमा पर संकट, ECET/लेटरल एंट्री पर खतरा, SBTET की स्वायत्तता का अंत, PPP मॉडल के तहत निजीकरण, और सरकार की ओर से स्पष्टता का अभाव।
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